कम्प्यूटर का विकास ( Development of Computer ) – कंप्यूटर का इतिहास: शुरुआत से आज तक का सफर, कंप्यूटर की खोज कैसे हुई? आसान शब्दों में समझें Hindi me :-

➠ 19 वी सदी में ब्रिटिश के गणित प्रोफेसर चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) ने कंप्यूटर शब्द से पूरी  परिचित करवाया | यह लकड़ी के अबेकस (Abacus) से शुरू होकर नवीनतम उच्च गति माइक्रोप्रोसेसर में परिवर्तित हो गया है | चार्ल्स बैबेज ने एनालिटिकल इंजन (Analytical  Engine ) की रचना की है, जिसके आधार पर आज के कंप्यूटर भी कार्य कर रहे हैं | 

समय- समय पर कंप्यूटर टेक्नोलॉजी की दुनिआं  में विकास होते  आ रहा है | अतः शुरू से किसने किस तरह के कंप्यूटर बनाकर पूरी दुनिआं के सामने पेश की वो निम्नलिखित है –

19वीं शताब्दी के बाद, 20वीं शताब्दी में वैक्यूम ट्यूब, ट्रांजिस्टर और फिर माइक्रोप्रोसेसर के उपयोग से कंप्यूटरों में इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रयोग शुरू हुआ। आज के कंप्यूटर तेज, छोटे और शक्तिशाली हो गए हैं, जिनका उपयोग इंटरनेट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मल्टीमीडिया के लिए किया जाता है।

कंप्यूटर विकास का अर्थ है कंप्यूटरों को साधारण गणना मशीनों से लेकर आज के आधुनिक, उच्च गति वाले, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से युक्त बहुउद्देशीय उपकरणों तक उन्नत करना।

    
(1) अबेकस (Abacus) :-

 इसे संसार का पहला गणक यन्त्र (Calculating Device) कहा जाता है | इसका आविष्कार 16 वी सदी में चीन में हुआ था | इसका उपयोग आंकिक गणना (Arithmatic Calculation) के लिए किया जाता था | इसमें तारों (Wires ) में गोलाकार पिरोयी मोतियों की मदद से गणना को आसान बनाया गया | 

  (2 ) पास्कलाइन (Pascaline) :-

पास्कलाइन को पास्कल कैलकुलेटर भी कहा जाता है | इसका आविष्कार फ़्रांस के गणितज्ञ ब्लेज़ पास्कल (Blaise Pascal) ने 1642 में प्रथम यांत्रिक गणना मशीन का आविष्कार किया | इसका आविष्कार समान्तर चतुर्भुज बॉक्स था , जिसमे 8 घूम फिर (Movable) चक्र थे | यह केवल जोड़ या घटा सकती थी | अतः इसे ऐडिंग  मशीन (Adding Machine) भी कहा जाता है | 

  (3) डिफरेंस इंजन या यांत्रिक कंप्यूटर और एनालिटिकल इंजन ( Difference Engine or Mechanical Computer and Analytical Engine ) :-

चार्ल्स बैबेज , जिन्हें कंप्यूटर का जनक कहा है , उन्होंने 1822 में डिफरेंस इंजीन का आविष्कार किया जो भाप से चलता था, तथा गणनाएं कर सकता था | इस डिफरेंस इंजन को यांत्रिक कंप्यूटर भी कहते हैं | 

चार्ल्स बैबेज ने 1833 में एक स्वचालित मशीन एनालिटिकल इंजन बनाया जो पंच कार्ड के दिशा- निर्देशों के अनुसार अंक-गणितीय गणनाएं जैसे – जोड़ , घटाओ , गुणा , भाग  कर सकती थी | 

    (4)  पंच – कार्ड (Punch Card) :-

पंच कार्ड का निर्माण अमेरिका के वैज्ञानिक हरमन हॉलेरिथ (Herman  Hollerith) ने 1880 में किये थे जो आज के कंप्यूटर कार्ड की तरह होता था | 

(5)  वैक्यूम ट्यूब (Vaccum Tube):-

इसका इस्तेमाल 1 st  Generation  के कंप्यूटर में किया गया | 

वैक्यूम ट्यूब एक इलेक्ट्रिक स्विच की तरह थी जो कंप्यूटर को सोचने, समझने और गणना करने में मदद करती थी।

   (6)  एनीएक  (ENIAC – Electronic Numerical Integrator and Computer / Calculator) :-

इसका आविष्कार अमेरिकी वैज्ञानिक जॉन मुचली (John Mauchly) तथा जे. पी. एकर्ट (J . P . Eckert) ने 1946 में सामान्य कार्यों के लिए प्रथम इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का आविष्कार किया , जिसे एनिएक (ENIAC) नाम दिया गया | इसका उपयोग मौसम की भविष्य वाणी  एवं साइंटिफिक उद्देश्यों के लिए किया गया

(7)  यूनिवेक – 1 (UNIVAC  1 – Univarsal Automatic Computer)

इसका निर्माण 1954 में जी.इ.सी. (GEC – General  Electric Corporation) ने किया | यह प्रथम कंप्यूटर था जिसका उपयोग वयापारिक और अन्य सामान्य कार्यों के लिए किया गया | 

(8)  ट्रांज़िस्टर (Transister) :-

इसका उपयोग 2 nd Generation के कंप्यूटर में होता था  जो 1 st Generation से ज्यादा Fast काम करता है |

 Ex. :   IBM 1401 , UNIVAC – 1107 

ट्रांजिस्टर छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होते हैं जो किसी सर्किट में विद्युत संकेतों को नियंत्रित या प्रवर्धित करते हैं।

(9)  I.C. (Integrated Circuit) :-

इसका इस्तेमाल 3rd  Generation में हुआ इसी को नवीनतम रूप इंटेल (Intel) ने पेश किया जिसे माइक्रो-प्रोसेसर (Micro-processor) कहा गया | 

यह एक छोटी इलेक्ट्रॉनिक चिप है जिसमें ट्रांजिस्टर, रेसिस्टर, कैपेसिटर जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक घटक एक ही चिप पर जुड़े होते हैं।

(10)  माइक्रो-प्रोसेसर (Micro-Processor ) :- 

इंटेल कंपनी द्वारा इसका विकास 1970 में हुआ था, जो कंप्यूटर छेत्र में क्रांति ला दी | 1970 में प्रथम माइक्रो-प्रोसेसर “इंटेल 4004 ” का निर्माण हुआ | अतः इसके निर्माण से ही छोटे आकार के कंप्यूटर का निर्माण संभव हुआ, जिसे माइक्रो-कंप्यूटर कहा गया |  

यह एक छोटी इलेक्ट्रॉनिक चिप है जो कंप्यूटर का मस्तिष्क होती है। माइक्रोप्रोसेसर निर्देशों को संसाधित करता है और कंप्यूटर के कुछ या सभी कार्यों को नियंत्रित करता है।

कंप्यूटर अपने शुरुआत से लेकर आज तक विकास कर रहा है, इस दौरान कंप्यूटर  ” Vaccum Tube ” से निकल कर ” Artificial Intelligence ” तक आ पहुंचा है और वह एक बड़े रूम को छोड़ कर हाथों में आ बैठा है | यह उन्नति उसने पिछले 70 – 80 सालों में पाई है |

                                                          कंप्यूटर की इस विकास अवधि को कंप्यूटर जनरेशन ( Computer Generation ) कहा जाता है | जैसे-जैसे कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में बदलाव  आता गया, उसी के अनुसार Computer Generation का निर्धारण कर दिया गया | अब तक कंप्यूटर की 5 पीढ़ियां (5th Generation of Computer) निर्धारित की जा चुकी है | अब आगे Next Generations  पे रिसर्च चल रही है |

जैसे-जैसे नए शोध या आविष्कार होते गए (जैसे वैक्यूम ट्यूब से ट्रांजिस्टर, फिर आई.सी. (I.C), माइक्रोप्रोसेसर और अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता AI ), कंप्यूटर की पीढ़ियाँ भी उसी के अनुसार अपडेट होती गईं। वर्तमान में, कंप्यूटर की पाँचवीं पीढ़ी चल रही है। कंप्यूटर की यह पीढ़ी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित है, जिसमें कंप्यूटर अधिकाधिक बुद्धिमान होते जा रहे हैं और सोचने, समझने, सीखने और स्वयं निर्णय लेने की क्षमता विकसित कर रहे हैं। इसका अर्थ है कि अब सभी प्रणालियाँ स्वचालित होती जा रही हैं।

(1.) पहली पीढ़ी (First Generation) :
  

सन 1940 – 1956 तक विकसित हुए कंप्यूटर को First Generation के रूप में जाना जाता है | प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर का डेवलपमेंट Vaccum Tube की तकनीक से हुआ था | 

मेमोरी प्रयोग (Memory Used)- 

पंच कार्ड , पेपर टेप

स्पीड (Speed) –

मिलीसेकंड (ms)

पहली पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर का उदाहरण कुछ इस प्रकार है –

Mark-1, IBM-650, IBM-701, UNIVAC, EDSAC, ENIAC, EDVAC आदि |

उपयोग (Uses)-

वैज्ञानिक और रक्षा उपयोग 

(2.)  दूसरी पीढ़ी (Second Generation) :

  सन 1956 – 1963 तक विकसित हुए कंप्यूटर को Second Generation के रूप में जाना जाता है | दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर के कंप्यूटर का डेवलपमेंट

 Vaccum Tube के स्थान पर Transistor की तकनीक से हुआ था |

मेमोरी प्रयोग (Memory Used)-

मैग्नेटिक डिस्क (Magnetic Disk), मैग्नेटिक टेप (Magnetic Tape ), चुम्बकीये मेमोरी (Magnetic Memory).

स्पीड (Speed) 

माइक्रो-सेकंड (ms)

इस पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर का उदाहरण इस प्रकार है 

IBM1620, IBM7094, Honey Well 400, UNIVAC-1108, CDC 1604, CDC 3600 जैसे कंप्यूटर शामिल है |

उपयोग (Uses)-

व्यवसायिक और वैज्ञानिक उपयोग में |

(3.)  तीसरी पीढ़ी (Third Generation) :

सन 1964 – 1971 तक विकसित हुए कंप्यूटर को Third Generation के रूप में जाना जाता है | इस जनरेशन में  I. C. का प्रयोग किया जाने लगा था | IC का पूरा नाम Integrated Circuit है | IC का विकास 1958 में Jack Kilby ने किया था |

मेमोरी प्रयोग (Memory Used)-

चुम्बकीये भण्डारण छमता में वृद्धि (Increase Storage Capacity in Magnetic Memory)

स्पीड (Speed) –

नैनो सेकंड (Nano second- ns)

इस पीढ़ी के कंप्यूटर का  कुछ उदाहरण इस प्रकार है –

IBM-360 Series, Honey Well – 600 Series, PDP (Personal Data Processor)

उपयोग (Uses)-

कंप्यूटर का व्यक्तिगत उपयोग |

(4.) चौथी पीढ़ी (Fourth Generation) :

इस पीढ़ी की शुरुआत 1971 – 1980 तक मणि जाती है | इस जनरेशन में IC की आधुनिक तकनिकी का प्रयोग किया जाने लगा था | IC की यह तकनिकी VLSI (Very Large Scale Integration) थी | इसमें हाई-लेवल भाषा (High Level Programming Language) का इस्तेमाल प्रोग्रामिंग के लिए किया  जाता था |

मेमोरी प्रयोग (Memory Used)

सेमीकंडक्टर मेमोरी (Semiconductor Memory)

स्पीड (Speed) 

पिको-सेकंड (Pico-Second : ps )

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर का कुछ उदाहरण इस प्रकार है –

Star 1000, Dec 10, PDP 11, CRAY-1, CRAY-X-MP (Super Computer), Pcs.

उपयोग (Uses)-

व्यक्तिगत उपयोग में वृद्धि, व्यवसायिक उत्पादन |

(5.) पांचवीं पीढ़ी (Fifth Generation) :

इस पीढ़ी की शुरुआत 1980 से अब तक मानी जाती है | इस जनरेशन में IC की आधुनिक तकनिकी का प्रयोग किया जाने लगा था , IC की यह तकनीकी ULSI (Ultra Large Scale Integration)  थी | इसमें हाई-लेवल भाषा का प्रयोग प्रोग्रामिंग के लिए किया जाता था जो अधिक सरल है | इन भाषाओं में GUI (Graphical User Interface) का प्रयोग किया जाता है |

मेमोरी प्रयोग (Memory Used)-

ऑप्टिकल डिस्क (Optical Disk), वर्चुअल मेमोरी (Virtual Memory)

स्पीड (Speed) –

अत्यधिक तीब्र गति | 

पांचवीं पीढ़ी के कंप्यूटर का कुछ उदाहरण इस प्रकार है –

Desktop, Laptop, Notebook, Ultrabook, Chrome book  इत्यादि |

उपयोग (Uses)-

इंटरनेट तथा मल्टीमीडिया उपयोग |

(1) नैनो कंप्यूटर (Nano Computer) :

– इस नैनो स्तर (10^-9m) पर निर्मित नैनो ट्यूब

 के प्रयोग से अत्यंत छोटे व विशाल छमता
 वाले कंप्यूटर के विकास का प्रयास किया जा रहा है|

(2) क्वांटम कंप्यूटर(Quantum Computer):

– यह कंप्यूटर प्रकाश के क्वांटम सिद्धांत पर

आधारित है, जिसमे आंकड़ों का संग्रहण और
संसाधन क्वांटम कण कहते हैं| ये कण युग्म में

रहते हैं और इन्हें “क्यू बिट्स” कहते हैं| 

( 1 ) एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer)

( 2 ) डिजिटल कंप्यूटर (Digital Computer)

( 3 ) हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer)

(1) एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer) :-

– इसमें समय के साथ लगातार भौतिक राशि परिवर्तित होती है |

जैसे :- दबाव , वोल्टेज , तापक्रम आदि |

एनालॉग की गति धीमी होती है | एनालॉग कंप्यूटर के कुछ उदाहरण के रूप में –

साधारण घडी , वहां का गति मीटर (Speedo meter), वोल्ट मीटर , बैरो मीटर आदि |

(2 ) डिजिटल कंप्यूटर( Digital Computer) :-

– यह इलेक्ट्रॉनिक्स संकेतों पर चलते हैं तथा इसमें गणना के लिए बाइनरी सिस्टम

( 0 , 1 ) का उपयोग किया जाता है | इसकी गति तीब्र होती है |

वर्तमान में लगभग सभी कंप्यूटर इसी प्रकार के हैं |

डिजिटल कंप्यूटर का कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं –

परसनल कंप्यूटर (PC) , डिजिटल घडी , PDA (Personal Digital Assistant) आदि |

(3) हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer) :-

– यह एनालॉग तथा डिजिटल कंप्यूटर का मिश्रित रुप है| इसमें इनपुट तथा आउटपुट

एनालॉग रूप में होता है , लेकिन प्रोसेसिंग डिजिटल रूप में होता है |

इस तरह के कंप्यूटर का उपयोग ज्यादातर अस्पताल , विज्ञान , रक्षा छेत्र , आदि में किया जाता है |

(1) माइक्रो कंप्यूटर (Micro Computer)
(2) मिनी कंप्यूटर (Mini Computer)
(3) मेनफ्रेम कंप्यूटर (Main Frame Computer)
(4) सुपर कंप्यूटर (Super Computer)

(1) माइक्रो कंप्यूटर (Micro Computer) :

माइक्रो कंप्यूटर एक छोटा कंप्यूटर होता है जो व्यक्तिगत (Personal Use) उपयोग के लिए बनाया जाता है। इसमें माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग किया जाता है और यह सामान्य कामों जैसे पढ़ाई, टाइपिंग, इंटरनेट चलाना आदि के लिए इस्तेमाल होता है।

इसका विकास (Developed) 1970 में IBM द्वारा शुरू किया गया था। माइक्रो कंप्यूटर को पर्सनल कंप्यूटर भी कहा जाता है।

उदाहरण: PC, लैपटॉप, टैबलेट, नोटबुक कंप्यूटर और स्मार्टफोन माइक्रो कंप्यूटर के अलग-अलग रूप हैं।

(2) मिनी कंप्यूटर (Mini Computer) :

मिनी कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर से बड़ा और मेनफ्रेम कंप्यूटर से छोटा होता है। इसमें स्टोरेज क्षमता और स्पीड ज्यादा होती है। इसका आविष्कार 1965 में DEC (Digital Equipment Corporation) नामक कंपनी ने किया था। इसमें एक से अधिक माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग किया जाता है। इसमें लगभग 250 लोग एक साथ काम कर सकते हैं।

इसका उपयोग यात्री आरक्षण, शिक्षा, अस्पताल, कंपनियों, एयरपोर्ट, रिसर्च और सरकारी संस्थानों में किया जाता है।

या सरल रूप में:

मिनी कंप्यूटर एक मध्यम आकार का कंप्यूटर होता है जो एक साथ कई लोगों को काम करने की सुविधा देता है। यह माइक्रो कंप्यूटर से बड़ा और मेनफ्रेम कंप्यूटर से छोटा होता है।

उदाहरण: PDP-11, VAX Series, IBM AS/400, Honeywell 200, Prime 9755

(3) मेनफ्रेम कंप्यूटर (Main Frame Computer) :

ये कंप्यूटर आकार में बहुत बड़े होते हैं और इनमें बहुत अधिक स्टोरेज क्षमता होती है। इनकी डेटा प्रोसेसिंग स्पीड बहुत तेज होती है। इनमें हजारों लोग एक साथ काम कर सकते हैं।

इनका उपयोग – बैंकिंग, रेलवे, एयरोस्पेस, रक्षा (डिफेंस), बड़ी कंपनियों आदि में किया जाता है।

(4) सुपर कंप्यूटर (Super Computer) :

सुपरकंप्यूटर ऐसे कंप्यूटर होते हैं जिनकी स्टोरेज क्षमता और स्पीड सभी अन्य कंप्यूटरों से बहुत अधिक होती है। इनमें हजारों माइक्रोप्रोसेसर लगे होते हैं। यह अब तक का सबसे शक्तिशाली कंप्यूटर माना जाता है।

दुनिया का पहला सुपरकंप्यूटर Cray-1 था, जिसे 1976 में अमेरिकी कंपनी Cray Research ने विकसित किया था। Seymour Cray को सुपरकंप्यूटर का जनक माना जाता है।

इसमें एक साथ कई उपयोगकर्ता काम कर सकते हैं। इसका उपयोग मौसम की भविष्यवाणी, वैज्ञानिक तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान, पेट्रोलियम शोध, चिकित्सा अनुसंधान आदि में किया जाता है।


🇮🇳 भारत का पहला सुपरकंप्यूटर:

भारत का पहला सुपरकंप्यूटर PARAM था, जिसे 1988 में C-DAC द्वारा बनाया गया था।


🌍 दुनिया के सबसे तेज सुपरकंप्यूटर:

दुनिया के दो सबसे तेज सुपरकंप्यूटर अमेरिका के हैं – Summit और Sierra। ये दोनों IBM तकनीक पर आधारित हैं।

Summit को जून 2018 में दुनिया का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर घोषित किया गया था। इससे पहले चीन का Sunway TaihuLight सबसे तेज सुपरकंप्यूटर था।


🇮🇳 भारत का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर:

भारत का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर Pratyush (Cray XC40) है। इसे 8 जनवरी 2018 को लॉन्च किया गया था। यह पुणे के भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) में स्थित है।


🖥️ भारत के प्रमुख सुपरकंप्यूटर:

  • Pratyush – Cray XC40
  • Mihir – Cray XC40
  • C-DAC C1 – Lenovo C1040
  • SERC – Cray XC40
  • iDataplex DX360M4

(1) भारत में बने पहले कंप्यूटर का नाम क्या है?
(a) आर्यभट्ट (b) बुद्ध
(c) सिद्धार्थ (d) अशोक
(e) राम

(2) कंप्यूटर में उपयोग होने वाली IC चिप किससे बनी होती है?
(a) सिलिकॉन (b) फॉयल
(c) क्रोमियम (d) सोना
(e) इनमें से सभी

(3) कंप्यूटर के विकास में सबसे अधिक योगदान किसका है?
(a) वॉन न्यूमैन (b) हरमन होलेरिथ
(c) चार्ल्स बैबेज (d) ब्लेज पास्कल
(e) इनमें से कोई नहीं

(4) भारत में “PARAM” सुपरकंप्यूटर किस संस्था ने विकसित किया?
(a) IIT कानपुर (b) IIT दिल्ली
(c) C-DAC (d) BARC
(e) इनमें से सभी

(5) इनमें से सबसे तेज मेमोरी कौन सी है?
(a) RAM (b) CD-ROM
(c) कैश (Cache) (d) रजिस्टर
(e) इनमें से कोई नहीं

(6) भारत में सिलिकॉन वैली कहाँ स्थित है?
(a) दिल्ली (b) मुंबई
(c) चेन्नई (d) बेंगलुरु
(e) इनमें से कोई नहीं

(7) आधुनिक डिजिटल कंप्यूटर में कौन-सी प्रणाली उपयोग होती है?
(a) बाइनरी संख्या प्रणाली (b) सिमुलेशन सिस्टम
(c) दशमलव संख्या प्रणाली (d) तीनों
(e) इनमें से कोई नहीं

(8) पहला व्यावसायिक उपयोग वाला कंप्यूटर कौन सा था?
(a) ENIAC (b) EDVAC
(c) UNIVAC (d) MANIAC
(e) इनमें से कोई नहीं

(9) निम्न कथनों पर विचार करें –
(1) एडम ऑस्बॉर्न ने पहला पोर्टेबल कंप्यूटर बनाया।
(2) इयान विलमट ने पहला क्लोन भेड़ (Dolly) तैयार किया।
इनमें कौन सा सही है?
(a) केवल 1 (b) केवल 2
(c) दोनों 1 और 2 (d) इनमें से कोई नहीं
(e) सभी

(10) इनमें से सबसे बड़ा, तेज और महंगा कंप्यूटर कौन सा है?
(a) नोटबुक (b) लैपटॉप
(c) पर्सनल कंप्यूटर (d) सुपरकंप्यूटर
(e) इनमें से सभी

(11) इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?
(a) मार्कोनी (b) एलन एम. ट्यूरिंग
(c) अलेक्जेंडर ग्राहम बेल (d) मैडम क्यूरी
(e) इनमें से कोई नहीं

(12) दुनिया का पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर कौन सा है?
(a) ENIAC (b) UNIVAC
(c) MARK-1 (d) C-SAT
(e) इनमें से सभी

(13) कौन सा कंप्यूटर सबसे छोटा और तेज माना जाता है जो मानव मस्तिष्क जैसा काम करता है?
(a) सुपरकंप्यूटर (b) क्वांटम कंप्यूटर
(c) PARAM-10000 (d) IBM चिप्स
(e) मेमोरी कार्ड

(14) बाइनरी प्रणाली का उपयोग करने वाला कंप्यूटर कहलाता है:
(a) एनालॉग कंप्यूटर (b) डिजिटल कंप्यूटर
(c) हाइब्रिड कंप्यूटर (d) तीनों
(e) इनमें से कोई नहीं

(15) वर्तमान पीढ़ी के कंप्यूटर किस पर आधारित हैं?
(a) ULSIC (b) VLSIC
(c) MSIC (d) SSIC
(e) इनमें से कोई नहीं

(16) माइक्रोप्रोसेसर का आविष्कार किसने किया?
(a) IBM (b) Apple
(c) Intel (d) HCL
(e) इनमें से सभी

(17) डिजिटल कंप्यूटर का विकास किस देश में हुआ?
(a) रूस (b) ब्रिटेन
(c) अमेरिका (USA) (d) जापान
(e) इनमें से कोई नहीं

(18) इनमें से कौन सा BARC द्वारा विकसित सुपरकंप्यूटर है?
(a) परम पद्मा (b) फ्लो-सॉल्वर
(c) चिप्स (d) अनुपम
(e) इनमें से कोई नहीं

(19) किसी डिवाइस के अंदर लगे विशेष कंप्यूटर चिप्स को क्या कहते हैं?
(a) चिप (b) सर्वर
(c) सर्किट (d) रोबोट कंप्यूटर
(e) एम्बेडेड कंप्यूटर

(20) अगली पीढ़ी के कंप्यूटर में किसका उपयोग होगा?
(a) DI (b) CI
(c) BI (d) AI
(e) इनमें से कोई नहीं

 ANSWERS  (1)- c  (2)- a  (3)- a  (4)-c  
 (5)- d  (6)- d  (7)- a (8)- c  (9)- c  (10)-d  (11)-e (12)-a  (13)-b  (14)-b  (15)-a  (16)-c  (17)-c  (18)-d  (19)-e  (20)-d       

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