
संख्या प्रणाली और कम्प्यूटर कोड्स ( Number Systems and Computer Codes ) :-
कंप्यूटर केवल द्विआधारी भाषा (Binary Language) समझता है, यानि 0 और 1 . कंप्यूटर विभिन्न तरह के डाटा का संग्रहण करता है | जैसे : संख्या, ध्वनि, ग्राफ़िक्स, डाक्यूमेंट्स आदि | ये सारे हमें अलग-अलग लगते हैं, लेकिन कंप्यूटर में ये सारे डाटा को एक ही रूप में संगृहीत किया जाता है | यह रूप है 0 और 1 के क्रम में यानी की डिजिटल के रूप में | हमलोग सामान्यतः 0 से 9 का उपयोग कर कोई भी संख्या लिखते हैं इसका आधार 10 (Decimal Number System) होता है | लेकिन कंप्यूटर में कोई भी पूरी संख्या 0 और 1 के द्वारा ही पेश किया जाता है | कंप्यूटर ये सारी जानकारी को पेश (Representation) करने के लिए सांख्यिकी कोड़ (Numeric Code) का इस्तेमाल करता है |
संख्या प्रणाली वह तरीका है जिसके द्वारा संख्याओं को अलग-अलग आधार (Base) जैसे Binary, Decimal, Octal और Hexadecimal में दर्शाया जाता है।कंप्यूटर कोड्स वे सिस्टम हैं जो डेटा, अक्षरों और निर्देशों को Binary (0 और 1) में बदलकर कंप्यूटर को समझने योग्य बनाते हैं, जैसे ASCII और Unicode।
संख्या पद्धति के प्रकार (Types of Number Systems) :-
कंप्यूटर में मुख्यतः 4 प्रकार की संख्या प्रणालियाँ होती हैं:

(1) दशमलव संख्या पद्धति (Decimal Number System) –
यह सबसे सामान्य और रोज़मर्रा की गणना में उपयोग होने वाली संख्या पद्धति है। हम दैनिक जीवन में इसी सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं।
इसमें कुल 10 अंक (Digits) होते हैं: 0 से 9
इसका आधार (Base या Radix) = 10 होता है
किसी भी बड़ी संख्या का निर्माण इन्हीं 10 अंकों के संयोजन से होता है
👉 महत्वपूर्ण बात:
कंप्यूटर सीधे दशमलव संख्या पद्धति का उपयोग नहीं करता, बल्कि इसे पहले बाइनरी में बदलकर प्रोसेस करता है।
👉 Radix (आधार) क्या है?
Radix उस संख्या को कहते हैं, जो किसी संख्या पद्धति में उपलब्ध कुल अंकों की संख्या दर्शाती है।
उदाहरण:
दशमलव संख्या को इस प्रकार विस्तार किया जाता है:
(6262.67)10= 6×103+2×102+6×101+2×100+6×10-1+7×10-2
(2) द्विआधारी संख्या पद्धति (Binary Number System) –
यह कंप्यूटर की सबसे महत्वपूर्ण संख्या प्रणाली है।
इसमें केवल 2 अंक होते हैं: 0 और 1
इसका Base (Radix) = 2 होता है
👉 कंप्यूटर में ये 0 और 1 क्या दर्शाते हैं?
1 = ON (धारा प्रवाहित हो रही है)
0 = OFF (धारा प्रवाहित नहीं हो रही)
👉 यानी कंप्यूटर के सभी कार्य इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल (ON/OFF) पर आधारित होते हैं।
Bit क्या है?
बाइनरी का एक अंक (0 या 1) = 1 Bit (बिट)
यह कंप्यूटर की सबसे छोटी डेटा इकाई है
👉 उपयोग:
डेटा स्टोरेज
प्रोसेसिंग
प्रोग्रामिंग
उदाहरण:
1100110 → बाइनरी संख्या
1001001.1101 → यहाँ (.) को बाइनरी पॉइंट कहते हैं
(3) ऑक्टल संख्या पद्धति (Octal Number System) –
यह बाइनरी को छोटा और आसान रूप में लिखने के लिए उपयोगी होती है।
इसमें कुल 8 अंक होते हैं: 0 से 7
इसका Base = 8 होता है
👉 उपयोग:
कंप्यूटर सिस्टम में शॉर्ट नोटेशन के रूप में
बाइनरी डेटा को सरल बनाने के लिए
(4) हेक्सा-डेसीमल संख्या पद्धति (Hexadecimal Number System) –
यह कंप्यूटर साइंस में बहुत महत्वपूर्ण और widely used नंबर सिस्टम है।
इसमें कुल 16 वैल्यू (Alphanumeric) होती हैं:
0–9 और A–F
👉 अक्षरों का मान:
A = 10
B = 11
C = 12
D = 13
E = 14
F = 15
इसका Base = 16 होता है
👉 उपयोग:
मेमोरी एड्रेसिंग
कलर कोड (जैसे HTML/CSS में #FF5733)
प्रोग्रामिंग

🌎 एबसेडिक कोड (EBCDIC – Extended Binary Coded Decimal Interchange Code) –
यह एक कैरेक्टर एन्कोडिंग सिस्टम है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से पुराने कंप्यूटर सिस्टम में किया जाता था।
इसमें प्रत्येक कैरेक्टर (Character) को 8 बिट (1 बाइट) में निरूपित किया जाता है।
इसे विशेष रूप से IBM (International Business Machines) के मेनफ्रेम कंप्यूटर में इस्तेमाल किया गया।
ASCII और EBCDIC दोनों ही शुरुआती और महत्वपूर्ण कैरेक्टर कोडिंग सिस्टम माने जाते हैं।
आज के समय में इसका उपयोग बहुत सीमित हो गया है|
🌎 यूनिकोड (Unicode – Universal Character Encoding Standard)
यह एक आधुनिक और वैश्विक कैरेक्टर एन्कोडिंग सिस्टम है।
इसमें लाखों (1 मिलियन+) कैरेक्टर को निरूपित करने की क्षमता है।
यह दुनिया की लगभग सभी भाषाओं के अक्षर, अंक और चिन्ह को सपोर्ट करता है।
यूनिकोड का उद्देश्य सभी भाषाओं को एक ही मानक (Standard) में लाना है।
इसमें कैरेक्टर को अलग-अलग फॉर्मेट (जैसे UTF-8, UTF-16, UTF-32) में स्टोर किया जाता है।
सामान्यतः UTF-8 सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला फॉर्मेट है।
यह वेब, मोबाइल ऐप, सॉफ्टवेयर और सभी आधुनिक सिस्टम में उपयोग होता है।
नंबर सिस्टम को बदलने के प्रकार (Number System Conversions) :-
इसके खास प्रकार इस तरह हैं :
(1) बाइनरी से डेसीमल (Binary to decimal conversion) :-
बाइनरी से डेसीमल में परिवर्तन करने का मतलब है Base 2 की संख्या को Base 10 में बदलना।
(110110)2 =1×25+1×24+0x23+1×22+1×21+0x20 = 32 + 16 + 0 + 4 + 2
= (54)10 Answer
(2) डेसीमल से बाइनरी में बदलना (Decimal to binary Conversion) :-
दशमलव (Base 10) संख्या को बाइनरी (Base 2) में बदलने की प्रक्रिया को Decimal to Binary Conversion कहते हैं।
(54)10 = ?

हमेंशा निचे से ऊपर लिखते हैं | (54)10 = (110110)2 Answer
कन्वर्ज़न की विधि (Method):
(A) पूर्ण संख्या (Integer) के लिए :
दी गई दशमलव संख्या को 2 से भाग (÷) करें। हर बार शेष (Remainder) नोट करें (0 या 1)।भागफल (Quotient) को फिर से 2 से भाग करें।यह प्रक्रिया तब तक करें जब तक भागफल 0 न हो जाए।सभी शेष को नीचे से ऊपर (Bottom to Top) पढ़ें → यही बाइनरी संख्या होगी।
(B) दशमलव के बाद वाले भाग (Fraction) के लिए:
दशमलव भाग को 2 से गुणा (×) करें। जो भी पूर्णांक भाग (Integer part) आए, उसे नोट करें।फिर बचे हुए दशमलव भाग को दोबारा 2 से गुणा करें।यह प्रक्रिया तब तक दोहराएँ जब तक दशमलव भाग 0 न हो जाए (या जितनी precision चाहिए)।ऊपर से नीचे पढ़ें → यही बाइनरी होगा।
उदाहरण : (0.625)₁₀ = ? (Binary में)
0.625 × 2 = 1.25 → 1
0.25 × 2 = 0.5 → 0
0.5 × 2 = 1.0 → 1
👉 ऊपर से नीचे: 0.101
अतः (0.625)₁₀ = (0.101)₂
(3) ऑक्टल को डेसीमल में बदलना (Octal to decimal Conversion) :-
(324)8 = 3×82 + 2×81+ 4×80
= 3×64 + 2×8 + 4×1
= 192 + 16 + 4
= (212)10 Answer
(4) डेसीमल को ऑक्टल में बदलना (Decimal to Octal Conversion) :-
(248)10 = ?

(248)10 = (368)8 l Answer
(5) ऑक्टल से बाइनरी में बदलना (Octal to Binary Conversion) :-
(236)8 = ?
Octal Number —– 2 3 6 Binary ———– 010 011 110 (236)8 = (010011110)2 Answer
(6) बाइनरी से ऑक्टल में बदलना (Binary to Octal Conversion) :-
(11011101)2 = ?
LSB से 3 – 3 बिट के समूह।
011 011 101
3 3 5
(11011101)2 = (325)8 Answer
LSB Kya hota hai :
LSB (Least Significant Bit)= सबसे दाहिने (right side) वाली बिट
समझिए example से:
दिया है:
(11011101)₂
इसमें:
सबसे दाहिने वाली बिट = 1 → यही LSB है
सबसे बाएँ वाली बिट = 1 → इसे MSB (Most Significant Bit) कहते हैं
(7) हेक्सा डेसीमल से बाइनरी में बदलन (Hexadecimal to Binary Conversion) :-
हेक्सा डेसीमल (Base 16) संख्या को बाइनरी (Base 2) में बदलने के लिए
हर एक hexadecimal digit को उसके 4-bit binary रूप में बदलते हैं।
(6AB3)16 = ?
= 6 A B 3
| | | |
0110 1010 1011 0011
(6AB3)16 = (0110101010110011)2 Answer
🌎 आस्की (ASCII – American Standard Code for Information Interchange) :-
ASCII एक standard character encoding system है, जिसे American National Standards Institute (ANSI) द्वारा 1963 में विकसित किया गया था।
ASCII का उपयोग कंप्यूटर में letters, numbers, symbols को binary (0 और 1) के रूप में दर्शाने के लिए किया जाता है।
मुख्य बातें ( Main Points):
ASCII में हर character के लिए एक unique code होता है
यह मूल रूप से 7-bit (0–127) सिस्टम था
बाद में इसे बढ़ाकर 8-bit (Extended ASCII – 0–255) किया गया, ASCII में एक कैरेक्टर (Character) के लिए 8 बिट का इस्तेमाल किया जाता है |
कंप्यूटर के keyboard के हर key का एक निश्चित ASCII code होता है
ASCII codes को अक्सर binary या hexadecimal form में represent किया जाता है
उदाहरण:
A → 65 (Decimal) → 01000001 (Binary)
1 → 49 (Decimal)
Logic Gate क्या है? (Definition, Types, Truth Table) – Updated :
लॉजिक गेट (Logic Gate) एक electronic circuit होता है, जिसमें एक या एक से अधिक input signals देकर एक निश्चित output प्राप्त किया जाता है। यह डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर सिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Logic Gate का उपयोग कहाँ होता है?
कंप्यूटर, मोबाइल, और सभी डिजिटल डिवाइस के अंदर जो भी circuits (परिपथ) होते हैं, वे सभी logic gates से मिलकर बने होते हैं। यानी हर डिजिटल सिस्टम की नींव logic gates ही हैं।
Truth Table क्या होता है?
किसी भी लॉजिक गेट का Truth Table यह बताता है कि
👉 अलग-अलग input combinations पर output क्या होगा
यानी, यह input और output के बीच का पूरा संबंध दिखाता है।
Basic Logic Gates (मुख्य गेट्स):
सभी डिजिटल सिस्टम मुख्य रूप से 3 आधारभूत gates पर आधारित होते हैं:
AND Gate
OR Gate
NOT Gate
Derived Logic Gates (अन्य गेट्स):
इन basic gates को मिलाकर दूसरे gates बनाए जाते हैं, जैसे:
NAND Gate
NOR Gate
XOR Gate

Note :
NAND गेट तथा NOR गेट यूनिवर्सल (Universal) गेट कहलाते हैं, क्योंकि इनके द्वारा कोई भी डिजिटल सर्किट का निर्माण किया जा सकता है |
वस्तुनिष्ट प्रश्न (Objective Questions)
(1) इनमें से कौन कंप्यूटर में प्रयुक्त अंक पद्धति है ?
(a) द्विआधारी (Binary) (b) ऑक्टल (Octal)
(c) हेक्साडेसीमल (Hexadecimal) (d) उपर्युक्त तीनों
(e) इनमें से कोई नहीं
(2) निम्न में से स्टोरेज का सबसे बड़ा यूनिट कौन सा है ?
(a) KB (b) MB
(c) TB (d) GB
(e) ये सभी
(3) कंप्यूटर डाटा स्टोर और गणनाएं करने के लिए………………नंबर सिस्टम का उपयोग करते हैं |
(a) Binary (b) Decimal
(c) Octal (d) Hexadecimal
(e) इनमें से कोई नहीं
(4) बिट (Bit) का क्या मतलब है ?
(a) कंप्यूटर का एक भाग (b) बाइनरी डिजिट
(c) सीरियल नंबर (d) उपर्युक्त तीनों
(e) इनमें से कोई नहीं
(5) ASCII में ………………. कैरेक्टर निर्मित किये जा सकते हैं |
(a) 1024 (b) 128
(c) 256 (d) 120
(e) 526
(6) आजकल सबसे ज्यादा उपयोग में आने वाला कोडिंग सिस्टम कौन सा है ?
(a) ASCII एवं EBCDIC (b) ASCII
(c) EBCDI (d) ” C ” कोडिंग
(e) इनमें से कोई नहीं
(7) कंप्यूटर की स्मृति सामान्य तौर पर किलोबाइट या मेगाबाइट के रूप में व्यक्त की जाती है | एक बाइट बना होता है –
(a) दो द्विआधारी अंकों का (b) आठ द्विआधारी अंकों का
(c) आठ दशमलव अंकों का (d) दो दशमलव अंकों का
(e) इनमें से कोई नहीं
(8) बाइनरी चॉइस में कितने विकल्प होते हैं ?
(a) एक (b) दो
(c) तीन (d) आठ
(e) इनमें से कोई नहीं
(9) कंप्यूटर का इनफार्मेशन किस रूप में स्टोर किया जाता है ?
(a) Modem (b) Watts Data
(c) Analog Data (d) Digital Data
(e) इनमें से कोई नहीं
(10) ASCII का पूर्ण रूप क्या है ?
(a) American Score Code For Information Interchange
(b) American Standard Code For Information Interchange
(c) American Standard Code For Ink Inter
(d) उपर्युक्त तीनों
(e) इनमें से कोई नहीं
(11) इनमें से कौन कंप्यूटर में प्रयुक्त अंक पद्धति (Number System) है ?
(a) Hexadecimal (b) Octal
(c) Binary (d) उपर्युक्त तीनों
(e) इनमें से कोई नहीं
(12) सुपर कंप्यूटर (Super Computer) के लिए शब्द लम्बाई की परास (Range) होती है |
(a) 15 बिट तक (b) 25 बिट तक
(c) 16 बिट तक (d) 64 बिट तक
(e) 32 बिट तक
(13) सबसे बड़े से सबसे छोटे के क्रम में निम्नलिखित में से कौन सा सही है ?
(a) TB – GB – MB – KB (b) TB – GB – KB – MB
(c) GB – TB – MB – KB (d) TB – MB – GB – KB
(e) MB – GB – TB – KB
(14) सबसे ज्यादा इस्तेमाल में आने वाला कोड कौन सा है जो प्रत्येक कैरेक्टर को विशिष्ट 8 बिट कोड के रूप में निरूपित करता है ?
(a) Binary Number (b) EBCDIC
(c) ASCII (d) Unicode
(e) उपर्युक्त सभी
(15) कंप्यूटर में शब्द की लम्बाई को मापा जाता है –
(a) मीटर (b) बाइट
(c) किलोग्राम (d) मिलीग्राम
(e) इनमें से कोई नहीं
(16) कंप्यूटर भाषा में एक मेगाबाइट में कितने बाइट होते हैं ?
(a) 1048576 (b) 1024000
(c) 1000000 (d) 100000
(e) उपर्युक्त सभी
(17) एक बाइट से कितने मूल्य निरूपित किये जा सकते हैं ?
(a) 64 (b) 25
(c) 256 (d) 41
(e) 16
(18) दस लाख (1 मिलियन) बाइट लगभग होती है –
(a) Terabyte (b) Megabyte
(c) Gigabyte (d) Kilobyte
(e) इनमें से कोई नहीं
(19) बिट (Bit) क्या है ?
(a) एक इनपुट डिवाइस (b) कंप्यूटर मेमोरी की सबसे छोटी इकाई
(c) एक अंक पद्धति (d) एक मिलीग्राम
(e) उपर्युक्त सभी
(20) NOR Gate कौन-कौन से गेट के मिलने से बनता है ?
(a) NOT और OR (b) OR और AND
(c) AND और OR (d) NAND और NOT
(e) NOT और OR
ANSWERS
(1)- d (2)- c (3)- a (4)- b (5)- c (6)- a (7)-b (8)- b (9)- d (10)-b (11)-d (12)-d (13)-a (14)-d
(15)-b (16)-a (17)-c (18)-b (19)-b (20)-a
