
ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) क्या है? – पूरी जानकारी ( Up to date – 2026) :
ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) एक ऐसा सिस्टम सॉफ्टवेयर होता है, जो कंप्यूटर के सभी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को नियंत्रित एवं संचालित करता है। यह यूज़र और कंप्यूटर के बीच एक इंटरफेस (Interface) का काम करता है, जिससे यूज़र आसानी से कंप्यूटर का उपयोग कर पाता है।
ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर का “दिमाग” होता है, जो हर कार्य को सही तरीके से मैनेज करता है।
ऑपरेटिंग सिस्टम का महत्व –
ऑपरेटिंग सिस्टम के बिना कंप्यूटर काम नहीं कर सकता।
यह बेजान हार्डवेयर को उपयोगी बनाता है।
सभी एप्लिकेशन (Apps/Software) को चलाने के लिए प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।
यूज़र और मशीन के बीच संवाद (Communication) आसान बनाता है।
प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण –
Microsoft Windows
macOS
Linux
Unix
Chrome OS
MS-DOS
मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण
Android
iOS
Bada
BlackBerry OS
Windows Phone
Symbian
Tizen
ऑपरेटिंग सिस्टम का विकास और परिवर्तन (Evolution of Operating System – Latest 2026)
समय के साथ कंप्यूटर तकनीक में तेजी से बदलाव आया है, और इसी के साथ ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) भी लगातार विकसित हुआ है। अलग-अलग जरूरतों के अनुसार विभिन्न प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित किए गए, जो कंप्यूटर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं।
नीचे ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रमुख प्रकार और उनके विकास को सरल भाषा में समझाया गया है:
(a) मल्टी-प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi-Programming OS) –
इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम में एक ही समय में कई प्रोग्राम को मेमोरी में रखकर चलाया जाता है।
इससे CPU खाली नहीं रहता और सिस्टम की कार्यक्षमता (Efficiency) बढ़ जाती है।
👉 उदाहरण: Linux, Unix
(b) बैच प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Batch Processing OS) –
इस सिस्टम में समान प्रकार के कार्यों को एक समूह (Batch) में इकट्ठा करके एक-एक करके प्रोसेस किया जाता है।
यूज़र का सीधा हस्तक्षेप कम होता है।
👉 उदाहरण: पेरोल (Payroll), बिलिंग (Billing) सिस्टम
(c) टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Time Sharing OS) –
इस प्रकार के OS में कई यूज़र एक ही संसाधन (Resource) को साझा करते हैं।
हर यूज़र को थोड़े-थोड़े समय (Time Slice) के लिए CPU मिलता है, जिससे सभी को तेज रिस्पॉन्स मिलता है।
👉 उदाहरण: Unix, Linux
(d) रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम (Real-Time OS) –
इस ऑपरेटिंग सिस्टम में कार्य तुरंत और निश्चित समय (Real-Time) में पूरा करना जरूरी होता है।
इसमें देरी (Delay) की गुंजाइश नहीं होती, इसलिए इसका उपयोग संवेदनशील सिस्टम में किया जाता है।
👉 उपयोग: मशीनरी, मेडिकल उपकरण, वैज्ञानिक और औद्योगिक सिस्टम
(e) सिंगल टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Single Tasking OS) –
इसमें एक समय में केवल एक ही कार्य किया जा सकता है।
यह सरल सिस्टम होता है और पुराने कंप्यूटरों में ज्यादा उपयोग होता था।
👉 उदाहरण: MS-DOS
(f) मल्टी-प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi-Processing OS) –
इस प्रकार के OS में एक ही कंप्यूटर सिस्टम में दो या अधिक CPU (Processors) का उपयोग किया जाता है।
इससे बड़े और जटिल कार्य तेजी से पूरे किए जा सकते हैं।
👉 उदाहरण: Windows, Linux
ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार (Types of Operating System) –
ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) को यूज़र के आधार पर मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया जाता है। यह वर्गीकरण इस बात पर निर्भर करता है कि एक समय में कितने यूज़र सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं।
(1) सिंगल यूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम (Single User Operating System) –
इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम में एक समय में केवल एक ही यूज़र काम कर सकता है।
यह सिस्टम व्यक्तिगत उपयोग (Personal Use) के लिए बनाया जाता है और सामान्य कार्यों के लिए उपयुक्त होता है।
👉 मुख्य विशेषताएँ:
🕤 एक समय में एक यूज़र
🔎 सरल और उपयोग में आसान
💫कम संसाधनों की आवश्यकता
👉 उदाहरण:
MS-DOS
Windows (Personal Use)
(2) मल्टीपल यूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi User Operating System) –
इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम में एक समय में एक से अधिक यूज़र एक ही सिस्टम या सर्वर पर काम कर सकते हैं।
यह सिस्टम बड़े संगठनों, सर्वर और नेटवर्किंग वातावरण में अधिक उपयोग होता है।
👉 मुख्य विशेषताएँ:
🕤 कई यूज़र्स एक साथ काम कर सकते हैं
💻 संसाधनों (CPU, Memory) का साझा उपयोग
🔒 उच्च सुरक्षा और यूज़र मैनेजमेंट सिस्टम
👉 उदाहरण:
Linux
Unix
ऑपरेटिंग सिस्टम की संरचना (Structure of Operating System) –
ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) की संरचना विभिन्न लेयर्स (Layers) से मिलकर बनी होती है, जो कंप्यूटर सिस्टम को व्यवस्थित तरीके से काम करने में मदद करती हैं। हर लेयर का अपना अलग कार्य होता है और ये सभी मिलकर सिस्टम को सुचारु रूप से चलाते हैं।

ऑपरेटिंग सिस्टम की मुख्य लेयर्स (Layers) :
(1) हार्डवेयर (Hardware)
यह कंप्यूटर का सबसे निचला स्तर (Base Layer) होता है, जिसमें सभी भौतिक उपकरण शामिल होते हैं जैसे – CPU, मेमोरी (RAM), हार्ड डिस्क, कीबोर्ड, माउस आदि।
ऑपरेटिंग सिस्टम सीधे हार्डवेयर के साथ इंटरैक्ट करता है।
(2) सॉफ्टवेयर (Software)
इस लेयर में ऑपरेटिंग सिस्टम खुद शामिल होता है, जो हार्डवेयर और यूज़र के बीच एक इंटरफेस का काम करता है।
यह सिस्टम के सभी संसाधनों (Resources) को नियंत्रित और प्रबंधित करता है।
(3) सिस्टम प्रोग्राम (System Programs)
ये वे प्रोग्राम होते हैं जो ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ मिलकर सिस्टम को सही तरीके से चलाने में मदद करते हैं।
जैसे – फाइल मैनेजमेंट, डिवाइस ड्राइवर, यूटिलिटी टूल्स आदि।
(4) एप्लीकेशन प्रोग्राम (Application Programs)
यह सबसे ऊपरी लेयर होती है, जिसमें यूज़र द्वारा उपयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर शामिल होते हैं।
जैसे – वेब ब्राउज़र, वर्ड प्रोसेसर, गेम्स, मोबाइल ऐप्स आदि।
खास जानकारी (Important Note) –
ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रारंभिक उपयोग 1960 के दशक में शुरू हुआ और समय के साथ इसमें काफी विकास हुआ।
ऑपरेटिंग सिस्टम के बिना कंप्यूटर कार्य नहीं कर सकता, क्योंकि यह हार्डवेयर को उपयोगी बनाता है और सभी सॉफ्टवेयर को चलाने का प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।
आसान भाषा में –
ऑपरेटिंग सिस्टम – कंप्यूटर की “आत्मा” की तरह होता है, जो पूरे सिस्टम को जीवंत बनाता है।
बूटिंग (Booting) क्या है? – आसान भाषा में पूरी जानकारी –
बूटिंग (Booting) या बूटस्ट्रैपिंग (Bootstrapping) वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा कंप्यूटर चालू (ON) होने पर ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) को स्टोरेज (हार्ड डिस्क/SSD) से RAM (प्राइमरी मेमोरी) में लोड किया जाता है, ताकि सिस्टम काम करने के लिए तैयार हो सके।
जब आप कंप्यूटर का पावर बटन दबाते हैं, तो सबसे पहले BIOS (Basic Input/Output System) या आधुनिक सिस्टम में UEFI सक्रिय होता है। यह हार्डवेयर की जांच (POST – Power-On Self Test) करता है और फिर ऑपरेटिंग सिस्टम को मेमोरी में लोड कर देता है। इसी पूरी प्रक्रिया को बूटिंग कहा जाता है।
बूटिंग के प्रकार (Types of Booting) :
(1) कोल्ड बूटिंग (Cold Booting)
जब कंप्यूटर पूरी तरह बंद (OFF) हो और उसे पावर बटन दबाकर चालू किया जाए, तो उसे कोल्ड बूटिंग कहते हैं।
यह एक फ्रेश स्टार्ट होता है, जिसमें सभी हार्डवेयर की पूरी जांच होती है।
👉 उदाहरण: पहली बार कंप्यूटर चालू करना
(2) वार्म बूटिंग (Warm Booting)
जब पहले से चालू कंप्यूटर को Restart किया जाता है, तो उसे वार्म बूटिंग कहते हैं।
इसमें सिस्टम पूरी तरह बंद नहीं होता, इसलिए प्रक्रिया थोड़ी तेज होती है।
👉 उदाहरण: Restart ऑप्शन का उपयोग करना
खास बातें (Key Points) –
बूटिंग के बिना कंप्यूटर काम नहीं कर सकता।
यह प्रक्रिया OS को RAM में लोड करके सिस्टम को उपयोग के लिए तैयार करती है।
आधुनिक कंप्यूटर में SSD और UEFI के कारण बूटिंग पहले से काफी तेज हो गई है।
बायोस (BIOS – Basic Input/Output System) क्या है? – आसान और पूरी जानकारी :
BIOS (बायोस) एक प्रकार का फर्मवेयर (Firmware) होता है, जो कंप्यूटर के मदरबोर्ड में पहले से ही स्टोर रहता है। जब आप कंप्यूटर को चालू (ON) करते हैं, तो सबसे पहले BIOS ही सक्रिय होता है और सिस्टम को शुरू करने की प्रक्रिया संभालता है।
कंप्यूटर स्टार्ट होते समय जो पहली स्क्रीन दिखाई देती है, वह आमतौर पर BIOS/UEFI से संबंधित होती है। यह हार्डवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी (Bridge) का काम करता है।
BIOS के मुख्य कार्य (Functions of BIOS) –
कंप्यूटर चालू होते ही सभी हार्डवेयर की जांच करता है (POST – Power-On Self Test)
RAM, Processor, Keyboard, Mouse, Hard Drive आदि डिवाइसेस की पहचान करता है
सभी हार्डवेयर को कॉन्फ़िगर (Configure) करता है
ऑपरेटिंग सिस्टम को स्टोरेज से RAM में लोड करने की प्रक्रिया शुरू करता है
सिस्टम को सही तरीके से बूट (Boot) करने में मदद करता है
खास जानकारी (Key Points) –
BIOS मदरबोर्ड में एक चिप पर स्टोर रहता है
यह कंप्यूटर स्टार्ट होने की पहली प्रक्रिया को नियंत्रित करता है
आधुनिक कंप्यूटर में BIOS की जगह UEFI (Unified Extensible Firmware Interface) का उपयोग बढ़ रहा है
BIOS के बिना कंप्यूटर बूट नहीं हो सकता
यूजर इंटरफ़ेस (User Interface – UI) क्या है? – आसान जानकारी (2026) :
यूजर इंटरफ़ेस (UI) वह माध्यम (Interface) है, जिसके जरिए यूज़र और कंप्यूटर के बीच संपर्क (Interaction) होता है। इसकी मदद से यूज़र कंप्यूटर को निर्देश (Commands) देता है और कंप्यूटर उन निर्देशों के अनुसार परिणाम (Output) दिखाता है।
सरल शब्दों में, UI वह तरीका है जिससे हम कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस को नियंत्रित करते हैं।
यूजर इंटरफ़ेस के प्रकार (Types of User Interface) –
(1) कमांड लाइन इंटरफ़ेस (Command Line Interface – CLI) –
इस प्रकार के इंटरफ़ेस में यूज़र को कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए टेक्स्ट कमांड टाइप करनी होती है।
इसमें काम करने के लिए अलग-अलग कमांड याद रखना जरूरी होता है, इसलिए यह थोड़ा तकनीकी (Technical) माना जाता है।
👉 मुख्य विशेषताएँ:
कीबोर्ड से कमांड टाइप करना
तेज और शक्तिशाली (Advanced users के लिए)
कम ग्राफिक्स, ज्यादा टेक्स्ट आधारित
👉 उदाहरण:
MS-DOS
Linux Terminal
(2) ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस (Graphical User Interface – GUI) –
इस इंटरफ़ेस में यूज़र चित्रों (Icons), बटन, मेन्यू और विंडोज़ के माध्यम से कंप्यूटर को निर्देश देता है।
यह उपयोग में आसान होता है और आम यूज़र्स के लिए सबसे ज्यादा लोकप्रिय है।
👉 मुख्य विशेषताएँ:
माउस और टच के जरिए नियंत्रण
आइकन, बटन और ग्राफिक्स का उपयोग
आसान और यूज़र-फ्रेंडली
👉 उदाहरण:
Windows
macOS
चर्चित ऑपरेटिंग सिस्टम (Most Popular Operating Systems – 2026) :
आज के डिजिटल युग में ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) तकनीक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल डिवाइसेस को चलाने के लिए विभिन्न प्रकार के आधुनिक और लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम उपयोग किए जाते हैं।
नीचे कुछ सबसे चर्चित और व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम (2026) दिए गए हैं:
प्रमुख डेस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम –
Microsoft Windows – दुनिया का सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला OS, खासकर पर्सनल और ऑफिस उपयोग के लिए
macOS – Apple डिवाइसेस के लिए तेज, सुरक्षित और प्रीमियम OS
Linux – ओपन-सोर्स OS, डेवलपर्स और सर्वर के लिए लोकप्रिय
Unix – मल्टी-यूजर और मल्टी-टास्किंग सिस्टम, सर्वर और नेटवर्क में उपयोग
प्रमुख मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम –
Android – दुनिया का सबसे लोकप्रिय मोबाइल OS, ज्यादातर स्मार्टफोन्स में उपयोग
iOS – Apple iPhone के लिए सुरक्षित और हाई-परफॉर्मेंस OS
अन्य महत्वपूर्ण ऑपरेटिंग सिस्टम
Chrome OS – हल्का और क्लाउड-बेस्ड OS, Chromebooks में उपयोग
MS-DOS – शुरुआती समय का कमांड-लाइन आधारित OS
Note :
आज के समय में ऑपरेटिंग सिस्टम लगातार विकसित हो रहे हैं और AI, क्लाउड और सिक्योरिटी फीचर्स के साथ और भी स्मार्ट बनते जा रहे हैं। सही OS का चयन आपकी जरूरत और डिवाइस पर निर्भर करता है।
ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य (Functions of Operating System – Latest 2026 Guide) –
ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System – OS) कंप्यूटर का मुख्य सॉफ्टवेयर होता है, जो सिस्टम के सभी कार्यों को नियंत्रित और प्रबंधित करता है। यह हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच तालमेल बनाकर कंप्यूटर को सही तरीके से चलाने में मदद करता है।
नीचे ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रमुख कार्य सरल भाषा में समझाए गए हैं:
(1) मेमोरी मैनेजमेंट (Memory Management) –
ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर की RAM (मेमोरी) का सही उपयोग सुनिश्चित करता है।
यह तय करता है कि कौन सा प्रोग्राम कितनी मेमोरी उपयोग करेगा और कब मेमोरी खाली करनी है।
(2) प्रोसेस मैनेजमेंट (Process Management) –
OS विभिन्न प्रोग्राम (Processes) को चलाने, रोकने और नियंत्रित करने का काम करता है।
यह CPU को अलग-अलग कार्यों के बीच सही तरीके से बाँटता है।
(3) फाइल मैनेजमेंट (File Management) –
ऑपरेटिंग सिस्टम फाइलों और फोल्डरों को स्टोर, व्यवस्थित और एक्सेस करने में मदद करता है।
यूज़र आसानी से डेटा को सेव, ओपन और डिलीट कर सकता है।
(4) डिवाइस मैनेजमेंट (Device Management) –
यह कंप्यूटर से जुड़े सभी हार्डवेयर डिवाइसेस जैसे कीबोर्ड, माउस, प्रिंटर आदि को नियंत्रित करता है।
डिवाइस ड्राइवर के माध्यम से OS इन डिवाइसेस के साथ कम्युनिकेशन करता है।
(5) सिक्योरिटी (Security) –
ऑपरेटिंग सिस्टम डेटा और सिस्टम को सुरक्षित रखने का काम करता है।
यह पासवर्ड, यूज़र परमिशन और एक्सेस कंट्रोल जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है।
(6) एरर डिटेक्शन (Error Detection) –
OS सिस्टम में आने वाली गलतियों (Errors) को पहचानता है और उन्हें ठीक करने की कोशिश करता है, जिससे सिस्टम सही तरीके से चलता रहे।
(7) सिस्टम परफॉर्मेंस (System Performance) –
ऑपरेटिंग सिस्टम सिस्टम की स्पीड और परफॉर्मेंस को बेहतर बनाता है।
यह संसाधनों (Resources) का सही उपयोग करके सिस्टम को तेज और प्रभावी बनाता है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions – 2026)
नीचे दिए गए प्रश्न ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) से जुड़े महत्वपूर्ण MCQs हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं और बेसिक ज्ञान के लिए उपयोगी हैं:
(1) ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है?
(a) डिवाइसों का समूह
(b) प्रोग्रामों का समूह
(c) यूज़र्स का समूह
(d) उपर्युक्त तीनों
(e) इनमें से कोई नहीं
👉 सही उत्तर: (b) प्रोग्रामों का समूह
(2) ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) का पहली बार उपयोग कब किया गया?
(a) 1961
(b) 1836
(c) 1940
(d) 1955
(e) 1991
👉 सही उत्तर: (a) 1961
(3) Android कब रिलीज़ हुआ?
(a) 2003
(b) 2002
(c) 2009
(d) 2008
(e) इनमें से कोई नहीं
👉 सही उत्तर: (d) 2008
(4) Linux किस प्रकार का सॉफ्टवेयर है?
(a) Commercial
(b) Proprietary
(c) Shareware
(d) Open Source
(e) उपर्युक्त सभी
👉 सही उत्तर: (d) Open Source
(5) BIOS का पूरा नाम क्या है?
(a) Basic Input Output Software
(b) Basic Input Output System
(c) Basic Input Output Operator System
(d) Basic Input Outer Security
(e) इनमें से कोई नहीं
👉 सही उत्तर: (b) Basic Input Output System
(6) इनमें से कौन ऑपरेटिंग सिस्टम का उदाहरण है?
(a) म्यूजिक एप्लीकेशन
(b) व्यापार सॉफ्टवेयर
(c) Linux
(d) मेडिकल सॉफ्टवेयर
(e) उपर्युक्त सभी
👉 सही उत्तर: (c) Linux
(7) ऑपरेटिंग सिस्टम क्या मैनेज (Manage) करता है?
(a) मेमोरी
(b) डिस्क (Disk)
(c) प्रोसेसर
(d) I/O डिवाइस
(e) उपर्युक्त सभी
👉 सही उत्तर: (e) उपर्युक्त सभी
(8) MS-DOS का पूर्ण रूप क्या है?
(a) Microsoft Disk Only System
(b) Microsoft Drive Operation Security
(c) Microsoft Drive Operation System
(d) Microsoft Disk Operating System
(e) इनमें से कोई नहीं
👉 सही उत्तर: (d) Microsoft Disk Operating System
(9) वर्चुअल मेमोरी (Virtual Memory) क्या है?
(a) RAM
(b) नॉन-स्टोरेज मेमोरी
(c) I/O कंट्रोल
(d) ऐसी मेमोरी जो RAM फुल होने पर सहायता करती है
(e) उपर्युक्त सभी
👉 सही उत्तर: (d) ऐसी मेमोरी जो RAM फुल होने पर सहायता करती है
(10) Scheduling का क्या मतलब है?
(a) प्रोसेसर के उपयोग के लिए जॉब को अनुमति देना
(b) प्रोसेसर को तेज डेटा देना
(c) मॉनिटर से डेटा प्राप्त करना
(d) उपर्युक्त तीनों
(e) इनमें से कोई नहीं
👉 सही उत्तर: (a) प्रोसेसर के उपयोग के लिए जॉब को अनुमति देना
(11) कंप्यूटर को Start या Re-Start करने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
(a) Exit
(b) Open
(c) Logout
(d) Boot
(e) Shutdown
👉 सही उत्तर: (d) Boot
(12) पहला माइक्रोसॉफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम कौन सा था?
(a) Windows 7
(b) MS-DOX
(c) Windows 8
(d) MS-DOS
(e) इनमें से कोई नहीं
👉 सही उत्तर: (d) MS-DOS
(13) यदि कंप्यूटर में _ नहीं है, तो कंप्यूटर “Boot” नहीं कर सकता है।
(a) Compiler (b) Loader (c) Operating System
(d) Assembler (e) Interpreter
👉 सही उत्तर: (c) Operating System
(14) उस प्रोग्राम का नाम क्या है जो कंप्यूटर के सभी कार्यों को नियंत्रित करता है?
(a) Operating System (b) Browser (c) Application Program
(d) File Manager (e) उपर्युक्त सभी
👉 सही उत्तर: (a) Operating System
(15) _ एक ऐसा प्रोग्राम है जो कंप्यूटर का उपयोग करना आसान बनाता है।
(a) Application
(b) Network
(c) Operating System
(d) Utility
(e) इनमें से कोई नहीं
👉 सही उत्तर: (c) Operating System
(16) MS-DOS का एक उदाहरण है –
(a) Word Processing Software
(b) Hardware
(c) Operating System
(d) Applications
(e) उपर्युक्त सभी
👉 सही उत्तर: (c) Operating System
(17) Linux कर्नेल द्वारा शुरू की गई पहली प्रक्रिया कौन सी है?
(a) Batch Process
(b) Boot Process
(c) init Process
(d) Zombie Process
(e) Operate Process
👉 सही उत्तर: (c) init Process
(18) Linux किस प्रकार का ऑपरेटिंग सिस्टम है?
(a) Open Source
(b) Windows
(c) Microsoft
(d) Application
(e) इनमें से कोई नहीं
👉 सही उत्तर: (a) Open Source
(19) निम्न में से कौन सा Windows 64-बिट को सपोर्ट करता है?
(a) Windows 2000
(b) Windows 98
(c) Windows 95
(d) Windows XP
(e) इनमें से कोई नहीं
👉 सही उत्तर: (d) Windows XP
(20) किस Windows में स्टार्ट बटन नहीं था?
(a) Windows XP
(b) Windows 8
(c) Windows 7
(d) Windows 98
(e) Windows 2000
👉 सही उत्तर: (b) Windows 8
ANSWERS
(1)-b (2)-a (3)-d (4)-d
(5)-b (6)-c (7)-e (8)-d
(9)-d (10)-a (11)-d (12)-d
(13)-c (14)-a (15)-c (16)-c
(17)-c (18)-a (19)-d (20)-b
